मेघालय | ACF News Network 24
मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में स्थित एक अवैध कोयला खदान में हुए भीषण धमाके में कम से कम 10 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में कई अन्य मजदूरों के खदान के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर राज्य में जारी अवैध खनन और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर पोल खोलती है।
क्या है पूरा मामला
यह दर्दनाक हादसा बुधवार सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच लाशन / थांग्सकाई क्षेत्र में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अवैध रूप से कोयला निकाले जाने के दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे खदान का एक बड़ा हिस्सा धंस गया।
स्थानीय लोगों ने धमाके की तेज आवाज सुनी और तुरंत प्रशासन को सूचना दी।
मृतक और घायल
प्रशासन की ओर से पुष्टि की गई है कि इस हादसे में 10 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। एक घायल मजदूर को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कई मजदूरों के अब भी खदान में फंसे होने की आशंका बनी हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
धमाके की संभावित वजह
हालांकि विस्फोट के वास्तविक कारणों की जांच जारी है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि:
- खदान में अवैध खनन गतिविधियां चल रही थीं
- खदान के भीतर हवादारी (वेंटिलेशन) की उचित व्यवस्था नहीं थी
- विस्फोटक सामग्री या गैस जमाव के कारण धमाका हुआ हो सकता है
विशेषज्ञों के अनुसार, यही कारण इस बड़े हादसे की वजह बन सकता है।
राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
हालांकि, राहत कार्य में कई मुश्किलें सामने आ रही हैं:
- अवैध खदानों की संकरी सुरंगें
- बार-बार धंसने का खतरा
- जहरीली गैस और कम दृश्यता
इन कारणों से बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
प्रशासनिक कार्रवाई
जिला प्रशासन ने घटना की आधिकारिक जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि अदालत के प्रतिबंधों के बावजूद क्षेत्र में अवैध कोयला खनन जारी है, जो लगातार जानलेवा साबित हो रहा है।
पुरानी समस्या फिर बनी हादसे की वजह
मेघालय में वर्षों से ‘रैट-होल माइनिंग’ पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद दूरदराज इलाकों में यह धंधा जारी है। गरीब मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के खतरनाक परिस्थितियों में काम करने को मजबूर होते हैं।
यह हादसा अवैध खनन पर रोक लगाने में प्रशासन की नाकामी को उजागर करता है।
निष्कर्ष
मेघालय का यह कोयला खदान धमाका एक मानव-निर्मित त्रासदी है, जिसे रोका जा सकता था। पीड़ित परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति है। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
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