मुंबई के पास वायरल फ्लाईओवर में आखिर क्या है खराबी?
लेन में अचानक कटौती को लेकर जनता में चिंता, एमएमआरडीए ने दी सफाई
मीरा-भयंदर | ACF NEWS NETWORK 24
मुंबई से सटे मीरा-भयंदर क्षेत्र में मेट्रो कॉरिडोर के नीचे निर्माणाधीन एक फ्लाईओवर इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। फ्लाईओवर की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सड़क की डिज़ाइन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। खासतौर पर वीडियो में दिख रही चार लेन से अचानक दो लेन में कटौती ने यात्रियों और वाहन चालकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स का कहना है कि इस तरह की अचानक लेन कटौती से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है, खासकर व्यस्त समय में जब ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है।
क्या है पूरा मामला?
यह फ्लाईओवर मीरा-भयंदर की मुख्य सड़कों में से एक पर मेट्रो कॉरिडोर के नीचे बनाया जा रहा है। शहर में मेट्रो लाइन के नीचे तीन समानांतर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है।
इनमें से दो फ्लाईओवर पहले ही यातायात के लिए खोल दिए गए हैं, जबकि तीसरा फ्लाईओवर — जो दीपक अस्पताल से फाटक तक फैला है — निर्माण के अंतिम चरण में है।
इसी तीसरे फ्लाईओवर के अंतिम हिस्से में, जैसे ही सड़क नीचे उतरती है, वहां चार लेन अचानक घटकर दो लेन रह जाती हैं। यही दृश्य वीडियो में कैद होकर वायरल हो गया।
एमएमआरडीए ने क्या सफाई दी?
मामले पर बढ़ती आलोचनाओं के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।
एमएमआरडीए के अनुसार, यह फ्लाईओवर शुरू से ही 2+2 लेन संरचना के रूप में डिज़ाइन किया गया था—
- 2 लेन: भायंदर पूर्व की ओर जाने वाले वाहनों के लिए
- 2 लेन: भविष्य में भायंदर पश्चिम को जोड़ने वाले फ्लाईओवर के विस्तार के लिए आरक्षित
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल भायंदर पूर्व की ओर जाने वाली सड़क पहले आती है, इसलिए चारों लेन अस्थायी रूप से दो लेन में मिल जाती हैं। शेष दो लेन को भविष्य में पश्चिमी रेलवे लाइन के ऊपर से भायंदर पश्चिम को जोड़ने वाले फ्लाईओवर के लिए सुरक्षित रखा गया है।
गोल्डन नेस्ट सर्कल तक 2+2 लेन व्यवस्था
एमएमआरडीए के अनुसार, गोल्डन नेस्ट सर्कल तक फ्लाईओवर को 2+2 लेन व्यवस्था में बनाया गया है। यह चौराहा मीरा-भयंदर के सबसे व्यस्त और उच्च यातायात घनत्व वाले जंक्शनों में से एक है, जहां पांच प्रमुख सड़कें मिलती हैं।
यहां मेट्रो कॉरिडोर के समानांतर यातायात को संतुलित रूप से बांटने के लिए दोनों ओर स्लिप रोड के साथ एकीकृत फ्लाईओवर तैयार किया गया है।
हालांकि, गोल्डन नेस्ट सर्कल के आगे, भायंदर पूर्व की दिशा में भूमि की उपलब्धता कम हो जाती है। इसी वजह से आगे के हिस्से में 1+1 लेन फ्लाईओवर की आवश्यकता पड़ी, जिसमें अलग-अलग प्रवेश और निकास रैंप बनाए गए हैं।
भविष्य में लेन बढ़ाने की योजना
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि मीरा-भयंदर नगर निगम से आवश्यक अनुमोदन और समन्वय के बाद, भविष्य में दोनों ओर एक अतिरिक्त 1+1 लेन जोड़ने का प्रावधान रखा गया है।
हालांकि, यह प्रस्ताव फिलहाल योजना चरण में है।
सुरक्षा को लेकर क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
प्रशासन का कहना है कि फ्लाईओवर का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक जाम को कम करना और यातायात को सुगम बनाना है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर पर—
- रंबल स्ट्रिप्स
- स्पष्ट लेन डिवाइडर
- दिशा सूचक साइन बोर्ड
- रेट्रो-रिफ्लेक्टिव मार्कर
- दुर्घटनारोधी बैरियर
जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।
इसके अलावा, फ्लाईओवर के पूरी तरह से चालू होने से पहले ट्रैफिक पुलिस से परामर्श लेकर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे।
जनता की चिंता बनाम प्रशासन का दावा
जहां एक ओर सोशल मीडिया पर लोग फ्लाईओवर की डिज़ाइन को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रशासन का दावा है कि यह डिज़ाइन शहर के सबसे व्यस्त चौराहों पर निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
अब देखना होगा कि फ्लाईओवर पूरी तरह शुरू होने के बाद यह व्यवस्था ज़मीन पर कितनी सुरक्षित और प्रभावी साबित होती है।
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